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यह रिश्ता क्या कहलाता है 13th जुलाई 2020 अपडेट रिटेन एपिसोड




यह रिश्ता क्या कहलाता है सीरियल की शुरुआत होती है नायरा कार्तिक से कहती है क्या हो जाएगा अगर मेरी जुड़वा बहन इस घर में आ जाएगी, कार्तिक उसे साफ मना कर देता है , नायरा कहती है लेकिन वह कहाँ जाएगा कार्तिक कहता है एक तो पहले से ही मुसीबत है और तुम एक मुसीबत और लाना चाहती हो, नायरा कहती है इसमें मुसीबत की क्या बात है यह तो सबके भले के लिए है, कार्तिक उससे कहता है कि मैं किसी को धोखा नहीं दे सकता इसलिए तुम्हारी जुड़वा बहन किसी भी हालत में इस घर में नहीं आ सकती , मैंने कह दिया सो कह दिया , नायरा कहती है इसमें धोखा देने की क्या बात है हम एक कोशिश कर रहे हैं जो सबके लिए अच्छी है , कार्तिक उसे साफ मना कर देता है, नायरा कहती है मैं जितनी रिक्वेस्ट कर रही हूं , तुम उतना ही भाव खाते जा रहे हो तुम्हें समझ में क्यों नहीं आता, फिर नायरा उसे परेशान करने लगती है |

कार्तिक कहता है बिजनेस का क्या हाल है, वह तो तुम जानती ही हो सब बंद पड़ा है, पर्सनल लाइफ प्रोफेशनल लाइफ सब बिगड़ गई है और मैं कुछ सोचने लगता है की उसके पास किसी का कॉल आता है जो कहता है कि आपकी बेटी का पता चल गया है ,कार्तिक उससे बार-बार पूछता है कि मेरी बेटी कहां है, मैं तुरंत आता हूं तो वह कहता है कि सॉरी सर वह गलत जानकारी थी ,आपकी बेटी की कोई खबर नहीं है जो खबर मिली है वह आपकी बेटी की नहीं है, कार्तिक सोचता है अच्छा हुआ नायरा को कुछ पता नहीं है, तभी नायरा उससे कहती है क्या हुआ कार्तिक, तुम क्या सोचने लगे, नायरा कहती है कि क्या हो जाएगा अगर हम अपनी जुड़वा बहन को घर ले आएंगे , कार्तिक कहता है जो तुम्हें सही लगे वह करो वह कहती है कि तुम साथ तो हो मेरे, कार्तिक कहता है पता नहीं शायद नहीं, उसी समय दादी उसे आवाज देती हैं, नायरा घर में आती है और कहती है क्या हुआ, मनीष उसे कहते हैं क्या है यह सब तुम्हारी जुड़वा बहन कब आई, कहां से आई , क्यों कर रही हो यह सब, नायरा कहती है कि अगर यह सब करने से हमारे घर की परेशानी दूर होती है मेरी बहन के आने से सब की परेशानी दूर होती है तो क्या बुराई है , स्वर्णा कहती है लेकिन यह तो करो या मरो वाले हालात हो गए हैं , नायरा कहती है सही कहा मां , लेकिन हमने कभी भी मरो का ऑप्शन नहीं चुना है हमेशा करो का ऑप्शन ही चुना है, मनीष कहते हैं लेकिन फिर भी यह सही नहीं है |

वह हालात अलग थे यह हालात अलग है , नायरा कहती है कुछ अलग नहीं है पापा जरा सोच कर देखिए आप सब लोग भी सोचिए कि उस समय कौन था मेरे पास और आप कौन हैं अगर कुछ है तो आप बता दीजिए हम वही रास्ता चुन लेंगे , इधर दादी भगवान से कहती है कि सब कुछ तो ले लिया इसे तो रहने दीजिए , इसके साथ बहुत सारी यादें जुड़ी है हमारी , इधर मनीष कहते हैं कि एक वायरस ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है सब को सैलरी देनी है और सब काम धंधा ठप पड़ा है, अब तो मुझे अपनी सास भी उधार की लगती है , अखिलेश कहता है भाई साहब हम चाहते तो अपनी कंपनी से सभी को निकाल सकते थे लेकिन हमने ऐसा नहीं किया हम सब को सैलरी दे रहे हैं ,सब को काम दे रहे हैं , मनीष कहते हैं कि तो फिर क्या करें सारे प्रोजेक्ट रुके पड़े हैं , सारा पैसा फसा हुआ है, सैलरी देनी हो रही है, ऑर्डर कैंसिल हो चुके हैं लेने वालों के फोन आ रहे हैं, सब कुछ खत्म हो गया है कुछ नहीं बचा है, नायरा कहती है पापा ऐसे हिम्मत मत हारिए , कार्तिक गया है किसी ने लोन लेने वाली पार्टी बताई है , मनीष कहते हैं थोड़ा सा लोन मिल जाए तो काम बन जाए, नायरा कहती है यह पार्टी हमें लोन दे ही देगी, आप हिम्मत रखिए , मनीष कहते हैं कि अगर लोन नहीं मिला तो यह गया , यह घर मुझे गिरवी रखना पड़ेगा, शादी घर के कागज को अपने सीने से लगाए बैठी होती हैं , कार्तिक भागता हुआ आता है और घरवालों को आकर बताता है कि हमें अपना घर गिरवी रखना नहीं पड़ेगा , सब खुश हो जाते हैं , कार्तिक बताता है कि मैंने लोन लेने वाले से बात कर ली है वह बिना शर्त के हमें लोन देने को तैयार है, सभी खुश हो जाते हैं, दादी पूछती है कौन है |

वह कार्तिक बताता है कोई सीता चौधरी है, आप सब का मूड तो ठीक हो गया है अब घर भी ठीक कर लीजिए, थोड़ी देर में सीता जी आती होंगी पर हमारा बैंक अकाउंट तो चेक नहीं करेंगी, लेकिन यह देखना चाहती हैं कि हम इज्जत दार घर के तो है हम उनके पैसे वापस तो कर सकते हैं , उनके बारे में मैं कह कर आप को नहीं समझा सकता लेकिन जब आप उनसे मिलेंगे तो आप समझ जाएंगे पहली बार, वह हमारे घर आ रही हैं तो सब कुछ अच्छा होना चाहिए , दादी नायरा से कहती हैं कि तुम सब कुछ संभाल लोगी ना, नायरा कहती है हां दादी मैं सब संभाल लूंगी , नायरा कहती है कि काफी दिनों बाद तुम्हारे चेहरे पर मुस्कान आई है, तुम बहुत अच्छे लग रहे हो दोनों बाजार जाने की तैयारी करते हैं, नायरा बाजार जाने के लिए निकलती है, कार्तिक कहता है अपना ध्यान रखना इधर दादी और स्वर्णा सभी मिलकर सीता जी के आने की तैयारी कर रहे होते हैं, मनीष और कार्तिक भी अपने सारे कागज तैयार कर रहे होते हैं, मनीष कहते हैं कार्तिक मुझे बताओ उनके बारे में कुछ हम जितना उन्हें जानेंगे तभी तो उनसे बात करने में आसानी होगी , कार्तिक बताता है कि वह जो बात तय कर लेती है वही करती हैं , वह अपने फैसले बदलती नहीं है , इधर सीता चौधरी अपने ड्राइवर के साथ मंदिर आते हैं और दूसरी तरफ कार्तिक मनीष को उनके बारे में बता रहा होता है कि उनके मन में जो होता है वह बता देती हैं ,अपने मन में कोई बात नहीं रखती ऐसा मुझे उनके एक जानने वाले ने बताया है, दूसरी तरफ सीता चौधरी मंदिर में अंदर आती है, एक औरत वहां पर पोछा लगा रही होती है , सीता चौधरी उससे टकरा जाती हैं और कहती हैं कि तुम्हें पता नहीं मंदिर में सब महान होकर आते हैं और तुमने मेरे पोछा लगा दिया, हाथ रोक नहीं सकती थी क्या , वह औरत कहती है आप मंदिर में जा सकती हैं मंदिर की कमेटी कहती है कि जल्दी हाथ चलाओ और आप कहती हैं कि हाथ रोक लो ,सीता चौधरी कहती हैं कि तुम्हें तमीज नहीं है अब तुम मुझे जवाब दोगी , अपना काम करो और अपने आसपास देख कर काम करो ताकि यह गंदा कपड़ा किसी और को ना लगे , मुझसे जबान लड़ाती हो, शर्म नहीं आती तुम्हें , उसी समय नायरा वहां पर आती है और उन्हें आवाज देती है |
इधर कार्तिक सुन के बारे में बता रहा होता है कि एक व्यक्ति ने मुझे यह भी बताया है पहली मुलाकात उनके लिए बहुत मायने रखती है, उसका जो प्रभाव पड़ता है वही मायने रखता है, इधर नायरा उनसे कहती है क्यों डांट रही हैं आप उन्हें, वह तो अपना काम ही कर रही हैं, फर्श गंदा रह गया, क्या क्यों डांट जा रही है, वह गरीब है तो क्या हुआ, आप उनके सर पर चढ़ जा रही हैं, आप जैसे लोगों को तो मंदिर आने का अधिकार ही नहीं होना चाहिए, जिनको इंसान और इंसानियत की जरा भी परवाह नहीं, भगवान भी ऐसे लोगों को देखकर खुश नहीं होते, अपनी इज्जत इज्जत है और दूसरे की इज्जत कुछ नहीं, सीता चौधरी नायरा को बहुत ध्यान से देख रही होती है, इधर कार्तिक बता रहा होता है कि उनकी नजर बहुत तेज है, कुछ नहीं छुप सकता, इधर नायरा उन से कहती है आप उनको सॉरी बोल दीजिए, सीता चौधरी मना कर देती है, नायरा कहती है कि उनका चेहरा तो देखिए कितना छोटा हो गया है, और आप हैं, अपनी गलती करके उन्हें सॉरी भी नहीं बोल सकती, क्या फायदा इतनी अमीरी और इतनी उम्र का जो अपनी गलती मानने को तैयार नहीं, धन्य हैं आप, इधर कार्तिक बताता है कि अगर वह किसी पर एक बार नाराज हो जाएं तो उन्हें मनाना बहुत मुश्किल है।

कल के एपिसोड  में हम देखेंगे, कि सीता चौधरी कहती हैं यह है आपकी बहू, इसका असली रूप तो मैं पहले ही देख चुकी हूं, मैं मिल चुकी हूं इससे, ऐसे परिवार को ना तो मैं कुछ देना चाहूंगी और ना ही कुछ लेना चाहूंगी। नायरा उनको आवाज देकर रोकती है, और कहती है कि जिस लड़की की आप बात कर रही हैं, वह हम नहीं हैं, वह हमारी जुड़वा बहन थी।

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