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यह रिश्ता क्या कहलाता है 14th जुलाई 2020 अपडेट रिटेन एपिसोड




यह रिश्ता क्या कहलाता है सीरियल की शुरुआत नायरा के यह कहने से होती है हद हो गई आंटी जी आपसे सॉरी भी नहीं बोला गया, लगती तो अच्छे घर की हैं, सीता चौधरी कहती हैं लगती तो तुम भी अच्छे घर की हो लेकिन तुम्हारे शिष्टाचार कहां गए, नायरा कहती है मेरा तो एक ही उसूल है जो जैसा करेगा वैसा भरेगा, अगर आप अच्छी तो मैं भी अच्छी , अगर आप खराब तो मैं तो , इधर स्वर्णा कहती है कि कुछ भी गलत नहीं होगा सब कुछ अच्छा ही होगा, हमारी  नायरा है ना वह सब संभाल लेगी, सीता चौधरी एक बार नायरा से मिलेंगी तो बहुत खुश हो जाएंगी, वह सब संभाल लेगी , इधर सीता चौधरी कहती हैं कि अब तमीज तुम मुझे सिखाओगी , जिसे यह भी नहीं पता है कि कपड़े कैसे पहने जाते हैं,  नायरा कहती है|

क्या खराबी है मेरे कपड़ों में, सीता चौधरी कहती हैं तो अच्छा ही क्या है इन कपड़ों में, अच्छे घर की जो लड़कियां होती हैं वह ऐसे कपड़े, नायरा बीच में ही बोलती है अच्छे घर की लड़कियों का कपड़ों से क्या लेना देना, आप किसी के संस्कार उसके कपड़ों से  पता लगाएंगे, सीता चौधरी कहते हैं कपड़ों से उसका व्यक्तित्व पता चलता है, नायरा कहती है तो आपने तो अच्छे कपड़े पहने हैं तो मैं क्या अंदाजा लगा हूं आपकी उस बहस का, सीता चौधरी कहती हैं मुझे तुमसे कोई बहस नहीं करनी , जिन लड़कियों को अपने संस्कार के बारे में नहीं पता, उन्हें शिष्टाचार के बारे में भी क्या पता होगा, नायरा कहती है जो इंसान और इंसानियत की कदर नहीं कर सकता, उसे मेरी बात क्या समझ में आएगी , सीता चौधरी काफी गुस्से में होती हैं ,  नायरा वहां से चली जाती है, सीता चौधरी कहती हैं कि भगवान ना करें इस लड़की से दोबारा मुलाकात हो , नायरा घर पहुंचती है बड़ी गुस्से में होती है, कार्तिक उससे पूछता है कि क्या हुआ किसी से झगड़ा करके आई हो क्या आप , नायरा उसे सारी बात बताती है, कार्तिक बार बार भगवान से प्रार्थना करता है कि सब कुछ ठीक हो इस दिल पर ही हमारा फ्यूचर टिका हुआ है , सारी तैयारियां करने के बाद घर के सभी लोग सीता चौधरी का इंतजार कर रहे होते हैं,सीता चौधरी गोइंग का हाउस पहुंचती है, सब उनके स्वागत के लिए बाहर ही होते हैं, इधर नायरा जल्दी जल्दी तैयार होने की कोशिश करती है, कार्तिक नायरा को मैसेज करता है कि जल्दी से नीचे आ जाओ, सब इंतजार कर रहे हैं, इधर दादी सीता चौधरी की आरती करती है, कार्तिक सभी से सीता चौधरी को मिलवाता है, सीता चौधरी कहती हैं आप सभी से मिलकर बहुत खुशी हुई, कार्तिक उनको अंदर लेकर आता है|

सीता चौधरी घर के अंदर आते ही एक तस्वीर पर नजर जाती है, वह उस तस्वीर को उतारती है और कहती हैं ऐसी तस्वीर घर में नहीं होनी चाहिए, हिंसा की बातें आने लगती है , मन में सुरेखा कहती है यह कैसी है इन्होंने तो आते आते हमारे घर की पेंटिंग ही उतार दी, उसी समय नायरा घुंघट किए हुए उनके सामने आती है, कार्तिक नायरा से मिलाता है, नायरा उनका सुंदर तरीके से स्वागत करती है, स्वर्णा सुरेखा नायरा तीनों डांस करते हैं, डांस करते-करते  नायरा सीता चौधरी को देखती है और पहचान जाती है , वहां से जाने लगती है कि दादी उसे दोबारा डांस करने के लिए रोक लेती हैं और फिर वह उसका घूंघट हटा देती हैं, सीता चौधरी नायरा को देखती ही रहती हैं और उन्हें अपनी पुरानी मुलाकात याद आ जाती है, वह चिल्लाती है कि यह ढोल बंद करो आप इस तरह से कुछ नहीं छुपा सकते , आप चाहे कितनी ही कोशिश करें लेकिन पारदर्शी आंखों वालों से कुछ नहीं छुपा सकते , सभी आश्चर्य से सीता चौधरी को देखते हैं, सीता चौधरी कहती हैं यह है आपकी बहू जिसका आप इतने गुणगान कर रहे थे , जिसके संस्कारों के पुल बांध रहे थे, उसकी सच्चाई जानती हूं मैं, इसके ना तो कपड़े पहनने का ढंग है और ना ही कोई संस्कार है , ऐसी मर्यादा हीन बहू जिस घर में हो उस घर से शिष्टाचार की अपेक्षा नहीं है, तभी कार्तिक आगे आकर कहता है नायरा ऐसी नहीं है , आपको कोई गलतफहमी हुई है, सीता कहती है कि मुझे कोई गलतफहमी नहीं हुई है, इस लड़की से मैं मिल चुकी हूं, आप लोगों को या तो इसके बारे में कुछ पता नहीं है और या फिर आप लोग मुझे धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं , सीता चौधरी हाथ जोड़ कर कहती हैं कि इस परिवार से मिलकर तो बहुत ही हर्ष हुआ था लेकिन उससे भी ज्यादा दुख हुआ उनके भाग्य पर जिन्हें ऐसी बहू मिली है, रही लोन की बात तो ऐसे परिवार से ना तो मैं कुछ लेना चाहूंगी और ना ही कुछ देना चाहूंगी , अच्छा हुआ कि मैंने अभी तक इस घर का पानी भी नहीं पिया है वरना सारी जिंदगी पछतावा रहता, आप लोगों से माफी चाहती हूं लेकिन मैं आप लोगों के लिए कुछ कर नहीं सकती, नायरा को गुस्से की नजर से देखती हुई वहां से  जाने लगती है , नायरा अपने घर के सभी सदस्यों की तरफ देखती है और पुरानी बातों को याद करती है|


उसी समय नायरा पीछे से सीता जी को आवाज देती है और कहती है आपको कोई गलतफहमी हुई है, हम आपसे कभी नहीं मिले हैं आप जो कह रही हैं वह सच हो सकता है लेकिन आप जिस व्यक्ति की बात कर रही है वह मैं नहीं , मेरी जुड़वा बहन है आप जरूर उसी से  मिली होंगी, वह बिल्कुल मेरे जैसी दिखती है, जुड़वा बहन है ना , इसलिए वह बिल्कुल मेरे जैसी ही दिखती है, सीता कहती है अच्छा तो तुम वह नहीं हो, तभी मैं कहूं इतनी समानता कैसे हैं , नायरा कहती है जुड़वा में तो होता ही है समानता भी और अंतर भी सीता चौधरी गुस्से में उससे कहती हैं इतनी बेवकूफ दिखती हूं मैं तुम्हें, जो तुम बच्चों की तरह मुझे  बहला दोगी, मैंने पहले भी कहा था कि मेरी आंखों से कुछ नहीं छुपा है, वह तुम ही हो जिसने मुझे इतनी बातें सुनाई, दोष उस औरत का था और तुमने बिना कुछ जाने ही मुझे इतना कुछ कहा, नायरा मन में सोचती है कि जो आपने मुझे इतना कुछ सुनाया वह गलत नहीं था और कपड़े क्या पहने थे तुमने अच्छे घर की लड़कियां उस तरह से कपड़े पहनती हैं, क्या तुम्हें इस बात का एहसास हो रहा है कि तुम्हारी वजह से तुम्हारे परिवार वालों की हानि हो रही है , तो तुमने जुड़वा बहन की कहानी बना ली, वहां पर तुमने जो तू तड़ाक की और यहां पर कितना शिष्टाचार दिखा रही हो, कोई सीमा है तुम्हारे झूठ की, नायरा कहती है झूठ नहीं है   टीना  है वह भी उतनी ही सच है जितनी कि नायरा है , ना दादी, नायरा सभी से कहती है कि आप लोग बताओ ना मैं कार्तिक से कहती है कि आप बताइए ना , कार्तिक कहता है कि हां जो टीना है वह सच है और यह भी सच है कि जो  नायरा है वह टीना से अलग नहीं है, सीता कहती है इसका क्या मतलब है, नायरा कहती है यही कि हम दोनों हैं , दादी कहती हैं  नायरा तुम दोनों ,तो नायरा बीच में ही बोलती है हां दादी हम दोनों बहुत मिलते हैं और सभी धोखा खा जाते हैं, मनीष कहते हैं नायरा यह गलत है , नायरा कहती है हां पिताजी यह बिल्कुल गलत है टीना ने जो किया है उसे नहीं करना चाहिए था, हम उसे समझाएंगे यह कोई तरीका नहीं है, बड़ों से बात करने का , नायरा सीता जी से कहती हैं उसकी तरफ से हम  आपसे माफी मांगते हैं और उससे भी कहेंगे कि वह आपसे माफी मांगे , सीता कहती हैं हमने बहुत जुड़वा देखे हैं लेकिन ऐसे नहीं देखे, नायरा उनसे कहती है कि मैं आपको अभी एक उदाहरण देकर बताती हूं, फिर वह लव और कुश की फोटो ले आती है और दोनों की फोटो सीता जी को दिखाती है|


फिर वह फोटो चेंज करती है और बाद में हमसे पूछती है कि अब आप बताइए इसमें से कौन सा  लव है और कौन सा  कुश, हम दोनों एक जैसे दिखते जरूर हैं लेकिन एक जैसे हैं नहीं, कार्तिक की पहली बार मिलकर धोखा खा गए थे , गजब कार्तिक से पहली बार मिली थी तो उस से भी अजीब तरीके से बात की थी  बताइए आप , कार्तिक कहता है मेंढक,  नायरा कहती है बताइए आप ऐसे कोई किसी से क्या बात करता है,  रिश्तो का नहीं तो कम से कम इस बात का ही लिहाज कर लेती कि एक इंसान को दूसरे इंसान से ऐसे बात नहीं करनी चाहिए, वह बचपन में भी ऐसा ही करती थी और उसकी वजह से हम को कितनी डांट पड़ती थी  , नायरा कहती है एक बात है अलग हम दोनों में उसके बाल घुंघराले हैं और मेरे सीधे , यह बात तो आपकी नजरों से नहीं छुट्टी होगी, अब तो आपको भरोसा हो गया ना कि हम दोनों अलग हैं, फिर नायरा सोचती है माफ करना सीता जी मुझे आपसे झूठ बोलना पड़ रहा है .

कल के एपिसोड में हम देखेंगे कार्तिक सीता जी  के पैर छूता है, सीता जी कहती है अभी तो तुमने हमारे पैर छुए थे, काफी कहता है वह मैं नहीं था वह मेरा जुड़वा भाई था, वह देखिए सीता जी उसे देखती है तो देखती रहती हैं उसके साथ वही , उनसे झगड़ा करने वाली लड़की भी होती है|

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